May 23, 2024
dhanraj pillay ko kis khel se prasidhi

धनराज पिल्ले को किस खेल के कारण प्रतिष्ठा मिली?

दोस्तों यदि आप हॉकी के खेल को बारीकी से देखते हैं या फिर उसके बारे में जानकारी रखना भी पसंद करते हैं, तो आपने धनराज पिल्ले का नाम जरूर सुना होगा (dhanraj pillay ko kis khel se prasidhi mili thi)। धनराज पिल्ले एक बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर जाने जाते थे।

यदि आप धनराज पिल्ले के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आज के लेख में हमारे साथ आने तक बने रहिएगा जो, क्यों कि आज के लेख में हम आपको धनराज पिल्ले के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध करवाने वाले हैं।

तो चलिए शुरू करते हैं –

धनराज पिल्ले कौन थे?

धनराज पिल्लै

वास्तविक नाम धनराज पिल्लै
व्यवसाय भारतीय हॉकी खिलाड़ी
लोकप्रियता भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान
लम्बाई (लगभग) से० मी०- 173
मी०- 1.73
फीट इन्च- 5′ 8″
वजन/भार (लगभग) 65 कि० ग्रा०
आँखों का रंग गहरा भूरा
बालों का रंग काला
पोजीशन फॉरवर्ड
रिकॉर्ड्स (मुख्य) • 4 ओलंपिक, 4 विश्व कप, 4 चैंपियंस ट्रॉफी और 4 एशियाई खेलों में खेलने वाले एकमात्र भारतीय हॉकी खिलाड़ी।
• अपनी कप्तानी के तहत उन्होंने भारतीय हॉकी टीम को वर्ष 1998 के एशियाई खेलों और वर्ष 2003 के एशिया कप में जीत दर्ज़ करवाई थी।
पुरस्कार/सम्मान • वर्ष 1995 में, उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2001 में, उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• ईस्ट बंगाल क्लब ने उन्हें भारत गौरव (2017) पुरस्कार से सम्मानित किया।

धनराज पिल्ले जिनका जन्म 16 जुलाई 1968 को हुआ था। वह एक हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ी और इंडियन नेशनल हॉकी टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। हालांकि वर्तमान समय में यह रिटायर हो चुके हैं और इससे पहले इन्होंने एयर इंडिया स्पोर्ट बोर्ड में जॉइंट सेक्रेटरी का पद भी संभाला हुआ है, जो कि उन्होंने 5 वर्षों के समय तक संभाला था।

इसके अलावा गुजरात में उनकी खुद की हॉकी एकेडमी है। उन्हें एक लीजेंड के नाम से जाना जाता है और हॉकी के इतिहास का सबसे बेहतरीन में से एकहॉकी का खिलाड़ी माना जाता है।

धनराज पिल्ले को किस खेल के कारण प्रतिष्ठा मिली?

धनराज पिल्ले को हॉकी के खेल के द्वारा प्रतिष्ठा प्रदान हुई है, उन्होंने सन 1989 में नेशनल हॉकी टीम ने अपने करियर की शुरुआत की और अगले 15 वर्षों तक जिन्होंने भारत को रिप्रेजेंट किया था। ओलंपिक गेम्स वर्ल्ड कप चैंपियन ट्रॉफी इन सभी में इन्होंने कुल मिलाकर 340 हॉकी के मैच खेले हैं। अपने कुल करियर में 170 से ज्यादा गोल किए हैं इन्होंने मलेशिया फ्रांस इंग्लैंड और जर्मनी के क्लब में भी खेला है।

धनराज पिल्ले का इंटरनेशनल करियर

धनराज पिल्ले का इंटरनेशनल करियर सन 1989 लेकर 2004 तक रहा। उन्होंने 339 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और इंडियन हॉकी फेडरेशन के अंतर्गत उनके द्वारा किया गया मूल रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने अपने करियर में कुल 170 से ज्यादा गोल मारे हैं। उनके अनुसार अर्थात धनराज पिल्ले के अनुसार और कुछ विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने चार ओलंपिक में भाग लिया है। सन 1992, 1996, सन 2000 और 2004 में इन्होंने चार बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

वर्ल्ड कप में भी चार बार सन 1994, 1996, 1998, और 2002 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है इसके अलावा चैंपियन ट्रॉफी में भी इन्होंने 4 बार भारत की तरफ से खेला है। जिसमें सन 1995 1996, 2002, और 2003 में इन्होंने भाग लिया है।

इसके अलावा इन्होंने 4 एशियन गेम्स में खेले हैं 1990, 1994, 1998, और 2002 में इन्होंने एशियन गेम्स में भागीदारी ली है। धनराज पिल्ले की कप्तानी में सन 1998 और 2003 का एशियन गेम्स और एशिया कप भारत ने जीता था।

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया (धनराज पिल्ले को किस खेल के कारण प्रतिष्ठा मिली? | Due to which sport did Dhanraj Pillay get fame?) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

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