April 22, 2024
milkha singh kaun sa khel khelte the

मिल्खा सिंह कौन सा खेल खेलते थे? | Milkha Singh play

दोस्तों हम सभी ने मिल्खा सिंह पर बनी हुई मूवी ‘मिल्खा’ जरूर देखी है। जिसमें हमें मिल्खा सिंह के किरदार के रूप में फरहान अख्तर की भूमिका काफी पसंद आई थी।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तविक मिल्खा सिंह कैसे थे? या मिल्खा सिंह कौन सा खेल खेलते थे? (Which sport does Milkha Singh play?) यदि आप नहीं जानते और जानना चाहते हैं तो आज के लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहिएगा, क्योंकि आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि मिल्खा सिंह कौन सा खेल खेलते थे।

तो चलिए शुरू करते हैं-

मिल्खा सिंह कौन थे? (milkha singh kon hai in hindi)

milkha singh kaun sa khel khelte the

पूरा नाम (Full Name) मिल्खा सिंह (Milkha Singh)
निकनेम (Milkha Singh Nickname) “फ्लाइंग सिख” (Flying Sikh)
जन्म स्थान (Milkha Singh Birth Place) लायलपुर(पाकिस्तान)
जन्म वर्ष (Milkha Singh Date of Birth) २० नवंबर १९२९। (पाकिस्तान के दस्तावेजों के अनुसार जन्म वर्ष)
ऊँचाई/लंबाई (Milkha Singh Height) 5’10” (178 सेंटीमीटर)
धर्म (Religion) सिख।
मुख्य रूप से पहचान (Profession) भारतीय धावक (एथलिट) और पूर्व भारतीय सैनिक
पुत्र/पुत्रियों के नाम (Milkha SinghChildrens Name) जिव मिल्खा सिंह (पुत्र), सोनिया साँवलका (पुत्री)
पत्नी का नाम (Milkha Singh Spouse) निर्मल सैनी/कौर।
भारत सरकार द्वारा प्राप्त सम्मान पुरस्कार (Honor Award By Indian Government) पद्म श्री (Padma Shree)।
प्रमुख प्राप्त पुरस्कार(Milkha Singh Achievements)
  1. १९५८ में – कार्डिफ कॉमन वेल्थ दौड़ प्रतियोगिता (४४० यार्ड – स्वर्ण पुरस्कार)
  2. साल १९५८ – टोकियो एशियाई खेल प्रतियोगिता (२०० मीटर – स्वर्ण पुरस्कार)
  3. १९५८ में – टोकियो एशियाई खेल प्रतियोगिता (४०० मीटर – स्वर्ण पुरस्कार)
  4. साल १९६२ – जकार्ता एशियाई खेल प्रतियोगिता (४०० मीटर – स्वर्ण पुरस्कार)
  5. १९६२ में- जकार्ता एशियाई खेल (४ * ४०० मीटर रिले दौड़ प्रतियोगिता – स्वर्ण पुरस्कार)
  6. साल १९५८ – कटक राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता (२०० मीटर – स्वर्ण पुरस्कार)
  7. १९५८ में – कटक राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता (४०० मीटर – स्वर्ण पुरस्कार)
  8. साल १९६४ – कलकत्ता राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता (४०० मीटर – कांस्य पदक पुरस्कार)
मृत्यु (Milkha Singh Death) १८ जून २०२१

मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर 1929 को हुआ था, और मिल्खा सिंह का ध्यान 18 जून 2021 को हुआ था। मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख के नाम से भी जाना जाता था। मिल्खा सिंह का जन्म ब्रिटिश इंडिया के पंजाब के अंतर्गत गोविंदपुरा में हुआ था।

91 वर्ष की आयु में चंडीगढ़ भारत में इनका देहांत हुआ था। मिल्खा सिंह एक फील्ड स्प्रिंटेड थे जिन्हें भारतीय सेना में सेवा देते हुए इस खेल से परिचित करवाया गया था। वह एशियाई खेलों के साथ-साथ राष्ट्रमंडल खेलों में भी 400 मीटर के रेस में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के एकमात्र एथलिट थे।

इन्होंने सन 1958 और 1962 में एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीते थे। इन्होंने सन 1956 में मेलबर्न में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में रोम, में 1960 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक तथा टोक्यो के 1964 में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

मिल्खा सिंह को उनकी दौड़ के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने दौड़ में कई रिकॉर्ड तोड़े से मिल्खा सिंह के पास 200 मीटर की दूरी को 45।73 सेकंड में पूरा करने का रिकॉर्ड 40 वर्षों से भी अधिक समय के लिए था।

भारत के विभाजन के दौरान मिल्खा सिंह विस्थापित होकर भारत आए थे, और अपने देश में एक खेल आइकन बन गए थे। 2008 में पत्रकार रोहित बृजनाथ ने जो कि अपने समय के सर्वश्रेष्ठ पत्रकार माने जाते थे। उन्होंने मिल्खा सिंह को भारत का सर्वश्रेष्ठ एथलीट की संज्ञा दी थी।

मिल्खा सिंह की मृत्यु के पहलेउनकी पत्नी का देहांत कोविड-19 की जटिलताओं के कारण हुआ था, और इसके पश्चात उनका देहांत भी 91 वर्ष की आयु में 18 जून 2021 को हो गया।

मिल्खा सिंह कौन सा खेल खेलते थे? (milkha singh kaun sa khel khelte the)

मिल्खा सिंह एक धावक थे और दौड़ने का खेल खेलते थे। एक निश्चित दूरी के धावक के रूप में वे एक भारत के सर्वश्रेष्ठ धावक थे। और सेवानिवृत्ति से पूर्व में भारतीय सेना में भी एक उच्च पद पर आसीन थे।

मिल्खा सिंह क्यों प्रसिद्ध है?

स्वतंत्र भारत के पहले स्पोर्ट्स स्टार, जिन्होंने आगे बढ़ने के लिए अपनी गति और आत्मविश्वास के साथ एक दशक से अधिक समय तक भारतीय ट्रैक और फील्ड पर राज किया। उन्होंने अपने जीवन में कई रिकॉर्ड बनाए और कई मेडल जीते।

मिल्खा सिंह को किस बात ने प्रेरित किया?

खचाखच भरा स्टेडियम दर्शकों से भरा हुआ था जिन्होंने मिल्खा सिंह की फिनिशिंग लाइन पार करने के लिए तालियां बजाईं और उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनने के लिए प्रेरित किया।

Also read:

कबड्डी खेल के नियम की पूरी जानकारी भारत ने हॉकी में प्रथम ओलंपिक स्वर्ण कब जीता था?
शतरंज कहां का राष्ट्रीय खेल है? हैट्रिक शब्द का प्रयोग किस खेल में किया जाता है?
एशियाई खेल के जनक किसे कहते हैं? बैडमिंटन में कितने खिलाड़ी होते हैं?
भारत का राष्ट्रीय खेल दिवस कब मनाया जाता है? हॉकी को किसने भारत का राष्ट्रीय खेल बनाया?

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया (-) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

FAQ

क्या मिल्खा सिंह ने लव मैरिज की थी?

1956 में ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न ओलंपिक के दौरान मिल्खा सिंह को एक ऑस्ट्रेलियाई लड़की से प्यार हो गया। उस लड़की का नाम बेट्टी कथबर्ट था। हालांकि मिल्खा ने निर्मल कौर से शादी की थी। कौर भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की खिलाड़ी थीं।

मिल्खा सिंह ने गोल्ड मेडल कब जीता?

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने 1958 में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अब तक कुल 503 मेडल जीते हैं।

क्या मिल्खा सिंह पाकिस्तानी थे?

मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर, 1929 को पाकिस्तान की धरती पर हुआ था। उनका गांव अविभाजित भारत के मुजफ्फरगढ़ जिले में पड़ता था, जो अब पश्चिमी पाकिस्तान में पड़ता है। उनके गाँव का नाम गोविंदपुरा था। उनका जन्म राजपूत राठौर परिवार में हुआ था।

मिल्खा सिंह ने कौन सा पदक जीता था?

मिल्खा सिंह, जिन्हें फ्लाइंग सिख के नाम से भी जाना जाता है, ने कार्डिफ़ में 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए दौड़ में पहला स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने उस समय के महान धावक मैल्कम स्पेंस को हराकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *